समुद्र में मछली पकड़ने के लिए डाले गए जाल से इन मछुआरों को मरी हुई शार्क मछली की बॉडी मिली। लेकिन इससे भी ज्यादा दिलचस्प चीज इसकी लाश के पेट में छिपी थी।
मछुआरों को इस मरी मछली के पेट से ग्रे रंग के पत्थर जैसी आकृति की चीज मिली जिसे कहते हैं। एम्बरग्रीस यानी व्हेल की उलटी। ये काफी कीमती होती है। मार्केट में इसकी कीमत 36 लाख रुपए प्रति किलो तक है। ये काफी रेयर होता है और इसका इस्तेमाल परफ्यूम इंडस्ट्री में किया जाता है।
जानकारी के मुताबिक़, एम्बरग्रीस मात्र 1 से 5 प्रतिशत व्हेल्स के पेट में बनता है। ये मोम की तरह चिपचिपा और ज्वलनशील होता है। यमन के मछुआरों के इस ग्रुप को मिला एम्बरग्रीस काफी बड़ा था और इसे निकालने के लिए मछुआरों को मरी व्हेल के पेट में 35 कट लगाने पड़े। जब मछुआरों के जाल में मरी हुई मछली फंसी, तब उससे अजीब सी गंध आ रही थी। इस वजह से उन्हें शक हुआ कि लाश में एम्बरग्रीस हो सकती है।
यमन. कहते हैं ना कि अगर किस्मत साथ हो तो कुछ भी हो सकता है। अगर किस्मत अच्छा हो तो रोड़पति भी रातो-रात करोड़पति बन सकता है। ऐसी ही किस्मत बदली यमन में रहने वाले मछुआरे के एक समूह की।
समुद्र में मछली पकड़ने के लिए डाले गए जाल से इन मछुआरों को मरी हुई शार्क मछली की बॉडी मिली। लेकिन इससे भी ज्यादा दिलचस्प चीज इसकी लाश के पेट में छिपी थी।
मछुआरों को इस मरी मछली के पेट से ग्रे रंग के पत्थर जैसी आकृति की चीज मिली जिसे कहते हैं। एम्बरग्रीस यानी व्हेल की उलटी। ये काफी कीमती होती है। मार्केट में इसकी कीमत 36 लाख रुपए प्रति किलो तक है। ये काफी रेयर होता है और इसका इस्तेमाल परफ्यूम इंडस्ट्री में किया जाता है।
जानकारी के मुताबिक़, एम्बरग्रीस मात्र 1 से 5 प्रतिशत व्हेल्स के पेट में बनता है। ये मोम की तरह चिपचिपा और ज्वलनशील होता है। यमन के मछुआरों के इस ग्रुप को मिला एम्बरग्रीस काफी बड़ा था और इसे निकालने के लिए मछुआरों को मरी व्हेल के पेट में 35 कट लगाने पड़े। जब मछुआरों के जाल में मरी हुई मछली फंसी, तब उससे अजीब सी गंध आ रही थी। इस वजह से उन्हें शक हुआ कि लाश में एम्बरग्रीस हो सकती है।