inner_banner

महिलाओं का हिजाब हटाकर पुलिस ने लिया फोटो, 2 महिला को लगा बुरा, पहुंचीं कोर्ट; अब देने होंगे 145 करोड़

  • Published By Niraj Singh

News24 Bite

April 6, 2024 11:15 am

मामला अमेरिका के न्यू यॉर्क (New York) शहर का है | मुकदमा दर्ज करने वाली महिलाओं की पहचान जमीला क्लर्क और अरवा अजीज (Jamilla Clark और Arwa Aziz) के तौर पर हुई है |

जमीला क्लार्क और अरवा अजीज ने दर्ज किया मुकदमा (फाइल फोटो- PTI/फ्लिकर)

अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर (New York) में मुस्लिम महिलाओं का हिजाब हटवाकर मगशॉट (Muslim Women Mugshot) लेने को लेकर खूब बवाल हो रहा है | मामले में सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया हैं | मुकदमा को निपटाने के लिए सरकार 145 करोड़ रुपये का भुगतान करने पर सहमत भी हो गई है|

बता दें, मगशॉट वो फोटो होता है, जिसमें किसी आरोपी के चेहरे का क्लोज-अप फोटो लिया जाता है| मगशॉट खासतौर पर पुलिस रिकॉर्ड या ऑफिशियल कामकाज के लिए लिया जाता है| फोटो के साथ आरोपी के फिंगर प्रिंट, लंबाई और वजन जैसी व्यक्तिगत जानकारी भी लिया जाता है|

मुकदमा दर्ज कराने वाली महिलाओं की पहचान जमीला क्लार्क और अरवा अजीज के तौर पर हुई है| जमीला को 9 जनवरी, 2017 को गिरफ्तार किया गया था और अरवा को 30 अगस्त को| उन्होंने आरोप लगाया कि अरेस्ट करने के बाद उन्हें सिर से हिजाब हटाने के लिए मजबूर किया गया जिससे उन्हें शर्मिंदगी महसूस हुई|

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जमीला के पति ने झूठा केस बनाकर उसे अरेस्ट करवाया| आरोप है कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस अधिकारियों ने हिजाब ना हटाने पर जमीला पर मुकदमा चलाने की धमकी दी थी| इधर, अरवा को भी कथित तौर पर किसी फर्जी मामले में अरेस्ट किया गया था|

आरोप है कि जब हिजाब हटवाकर उनकी फोटो ली गई तो मौके पर 30 से ज्यादा पुरुष कैदी मौजूद थे जो अरवा को देख सकते थे, जिससे अरवा टूट गईं| महिलाओं की वकील ने कहा कि किसी को अपने धार्मिक कपड़े उतारने के लिए मजबूर करना कपड़े उतारकर तलाशी लेने के बराबर ही है|5 अप्रैल को वित्तीय समझौता दायर किया गया था जिसे बस मैनहट्टन संघीय अदालत की जज एनालिसा टोरेस की मंजूरी की जरूरत है|शहर के कानून विभाग के प्रवक्ता निक पाओलुसी ने एक बयान में कहा कि समझौते की वजह से पुलिस विभाग में सकारात्मक सुधार हुआ और ये सभी पक्षों के हित में है|

उन सभी महिलाओं को इस समझौते के तहत पैसा मिलेगा जिन्हें 16 मार्च 2014 से 23 अगस्त 2021 के बीच सर से हिजाब हटाने को मजबूर किया गया था| उन्होंने बताया कि इस तरह सेटलमेंट का पैसा लगभग 4,100 पात्र सदस्यों के बीच बांटा जाएगा और इस हिसाब से हर किसी को कम से कम साढ़े 6 लाख रुपये मिलने की गारंटी है|

ad-s
ad-s