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ओलिंपिक में पीवी सिंधु ने रचा इतिहास : टोक्यो ओलिंपिक में कांस्य पदक जीता

  • टोक्यो ओलिंपिक में भारत को अब तक 3 मेडल
  • संजीव सुमन की रिपोर्ट

News24 Bite

August 1, 2021 3:31 pm

Tokyo Olympics. भारत की महिला बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने रविवार को चीन की जियाओ हे बिंग को हराकर टोक्यो ओलंपिक में महिला एकल का कांस्य पदक (Bronze Medal) जीतकर इतिहास रच दिया है। वे लगातार 2 ओलिंपिक में मेडल जीतने वाली भारतीय की पहली महिला खिलाड़ी बन गईं। गौरतलब है कि पहलवान सुशील कुमार के बाद वे भारत की दूसरी एथलीट हैं। जिन्होंने लगातार 2 ओलिंपिक में मेडल जीता है।

सिंधु ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में चीन की जियाओ बिंग हे को केवल 52 मिनट में 21-13, 21-15 से हराया। सिंधु ने इससे पहले 2016 रियो ओलिंपिक में कमाल का प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता था। अब इस ओलंपिक में वे सिल्वर तो नहीं जीत पाईं, लेकिन कांस्य जीत भी इतिहास रच गईं।

बता दे, सुशील कुमार ने 2008 बीजिंग ओलिंपिक में ब्रॉन्ज और 2012 लंदन ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीता था।

अबतक ओलिंपिक बैडमिंटन में भारत को तीन मेडल

साइना नेहवाल : ब्रॉन्ज मेडल: लंदन ओलिंपिक (2012)

पीवी सिंधु : सिल्वर मेडल: रियो ओलिंपिक (2016)

पीवी सिंधु : ब्रॉन्ज मेडल: टोक्यो ओलिंपिक (2020)

टोक्यो ओलिंपिक में भारत को अब तक 3 मेडल

बता दे, टोक्यो ओलंपिक में भारत का यह तीसरा मेडल है। सबसे पहले मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग के 49 किलो वेट कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता था। तो वहीं बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने 69 किलो वेल्टरवेट कैटेगरी के सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के लिए मेडल पक्का कर चुकी हैं।

सिंधु के टोक्यो ओलंपिक के सफर पर नजर

पीवी सिंधु के टोक्यो सफर की बात करें तो उन्होंने खेल के इस महाकुंभ में जीत से शुरुआत की थी। उन्होंने इजरायल की केसनिया पोलिकारपोवा को 21-7, 21-10 से हरा दिया था। इसके बाद हांगकांग की खिलाड़ी पर भी सिंधु काफी भारी पड़ीं और उन्होंने 21-9, 21-16 से जीत हासिल की। फिर बैडमिंटन के राउंड 16 में भी पीवी सिंधु ने अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा और उन्होंने डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट को आसानी से हरा दिया। उस जीत के साथ सिंधु ने क्वार्टर फाइनल में दस्तक दी और उनका मुकाबला जापान की अकाने से हुआ। टक्कर जोरदार रही लेकिन यहां भी सिंधु के स्किल्स ने उन्हें जीत दिला दी। उस मैच में 21-13, 22-20 से उन्होंने जीत हासिल की। उस जीत के साथ ही सिंधु इतिहास रचने के काफी करीब पहुंच गई थीं।सभी को उम्मीद थी कि वे सेमीफाइनल में जीत हासिल कर गोल्ड के लिए दावेदारी पेश करेंगी। लेकिन उस मैच में वे 21-18, 21-12 से हार गईं और उनका गोल्ड जीतने का सपना टूट गया। अब उस हार के बाद पीवी सिंधु ने रविवार को चीन की बिंगजियाओ को परास्त कर कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है।

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