Motihari. बिहार फिर से बेहाल है, बाढ़ से राज्य के कई लाखों लोग प्रभावित है। वही नेपाल और तटीय क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश से बागमती (Bagmati River) और लालबकैया नदी (Lalbakeya river) का जलस्तर तेजी से बढ़ता जा रहा है। जिससे पूर्वी चंपारण जिले के पताही (Patahi) प्रखंड के सैकड़ों गांव बाढ़ में घिर चुकें है।
लोंगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। दूर-दूर तक केवल पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। ग्रमीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
पानी के तेज बहाव से ग्रमीणों में दहशत का माहौल
बाढ़ के पानी का बहाव तेज और ज्यादा होने के कारण जिहुली, पदुमकेर सहित कई गावों का आवागमन बंद पड़ गया है, साथ ही मोतिहारी-शिवहर पथ पर बाढ़ के पानी से दोनों जिला के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह भंग हो गया है।
सड़को पे करीब ढ़ाई से तीन फीट पानी बह रहा है। वही धान की फसल बह जाने से किसान काफी परेशान है, घर डूबने से ग्रामीणों को खाने-पिने की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई सहायता नहीं
जब न्यूज़ 24 बाईट के रिपोर्टर संतोष राउत ने ग्रामीणों से बाढ़ को लेकर प्रशासन की तरफ से मिलने वाले सहायता की बात की तो ग्रामीणों का कहना था कि अभी तक प्रशासन का कोई भी अधिकारी गावं में देखने तक नहीं आया, सहयता की बात तो दूर है। उनका कहना है कि घर में पानी घुस जाने के कारण खाना नहीं बन पा रहा है। पानी पिने की समस्या भी हो रही है।
कंधे पर सिलिंडर रख कई किलोमीटर पानी में चलने को मजबूर
वही घरेलु उपयोग में इस्तेमाल में होने वाले गैस सिलिंडर और जरुरी समानो के लिए कई किलोमीटर पानी से होकर लोगो को जाना पड़ रहा है, जिससे उनके डूबने का खतरा तो है है साथ ही कीड़े मकोड़े के काटने का भी भय सता रहा है। संतोष राउत (ब्यूरो रिपोर्ट, न्यूज़ 24 बाईट)